संदेश

बम-बम-बम मस्ती में गाले (Lyrics:RMB & Voice:AB)

चित्र
शिव भजन: भोलेनाथ हैं औघड़-दानी बाबा डमरू वाले। बम मस्ती में गाले बम-बम-बम मस्ती में गाले।  (१) नाम भी भोला मन का भी भोला ऐसा भोला-भाला।  अवगुण सब खुद लिए हैं बाबा गुण सबको दे डाला।  कुछ ना चाहिए भोलेनाथ को एक लोटा जल का चढ़ा ले.... (२) सारी दुनिया घूम ले पगले ऐसा ना देव निराला।  देवों का है देव ये सबका महादेव मतवाला।  भांग-धतूरा-बेलपत्र से राज़ी है काशी वाले.... (३) अंधा-निर्धन-कोढ़ी-बाँझन जो भी है दर पे आवे। सब के मन की सबको देते मनचाहा वर पावे। एक बार तू मन से रे प्यारे बम जयकार लगा ले.... (४) पार्वती संग भोला विराजे गोद में है गण-नायक।  नन्दी ऊपर करे सवारी देवों का महानायक। ॐ नमः शिवाय में "मोहता" डुबकी जरा लगा ले.... ✍️✍️✍️✍️✍️✍️ लेखिका: रेखा "मोहता" बंसल (पटना-बिहार) गायिका: आस्था बंसल (लाड्डो बिटिया) ❤️❤️❤️❤️❤️❤️ बंसल परिवार और हमारी पूरी टीम की और से सभी शिव भक्तों को.... हर-हर महादेव ❤️ हर-हर शम्भू 

भाभी लेवण आए (Haryanvi Dhamaka Song)

चित्र
👉#भाभी_लेवण_आए 👇👇👇👇👇👇 हमने बुलाए गौरे-गौरे, काले क्यूकर आए-२ भाई का सै ब्याह रै साली, भाभी लेवण आए-२ 👇👇👇👇👇👇 के आए थे उम्मीद लेके, थम बारात मैं-२ रै कोई तो साली बतलावेगी, म्हारे साथ मैं-२ हमने बुलाए भोले-भाले, उत्त लंगवाडे आए-२ भाई का सै ब्याह...... 👇👇👇👇👇👇 रै कोठे ऊपर खड़ी लखावै, नीचे सी आजा नै-२ मैं Dj ऊपर नाचूंगी, तू आके नोट बगाज़ा नै-२ रै थमणे बुलाए गंजे-मंजे, पण्ठया आले आए-२ भाई का सै ब्याह...... 👇👇👇👇👇👇 "मोहित माज़रिया" सारे तेरे, खास आरे सैं-२ रै पटाके ना बजावैं, हथियार ल्यारे सैं-२ हमने बुलाए ठाडे-ठाडे, सुगले क्यूकर आए-२ भाई का सै ब्याह...... 🕺🕺🕺🕺🕺🕺 💃💃💃💃💃💃 इस हरियाणवी गीत की पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएं। ♥️♥️♥️♥️♥️♥️ शुभचिंतक: प्रदीप सिंघल (जीन्द आला)

बागड़ो नाची सामण मैं (©®Song Cast)

चित्र
👉 हरियाणवी गीत: बागड़ो नाची सामण मैं.. 👇👇👇👇👇 मेरी झाँझरा का जोड़ा, हॉय शोर करण लाग्या। जद चाली मोरणी बणके, कईयां का दिल आग्या। 👇👇👇👇👇 नीर भरण गई मैं, कुएँ पे नीले दामण मैं। रे सिर पे टोकणी धर के, बागड़ो नाची सामण मैं। 👇👇👇👇👇 (1) इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। रे कमर पे दो-दो मटके थे, अर गात पड़ै था हल्वा सा। इसी चमकी नाथ नगीने जो, रूप का पाटया जलवा सा। होंठ रसीले लागैं थे, जणू नूण हो जामण मैं। रे सिर पे टोकणी.... 👇👇👇👇👇 (2) इसा छम-छम करके नाची मैं, मन्ने देख के बादल बरस गया। इसा खोग्या "फरिश्ता" मेरे में, वो लिखण ते भी तरस गया। पूरी की पूरी भीज गई, फिर लागी काँपण मैं। रे सिर पे टोकणी....  👇👇👇👇👇 इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। 💟💟💟💟💟 इस हरियाणवी गीत से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक बधाई!  प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) singhalpardeep.blogspot.com